Home Uncategorized छिंदवाड़ा ब्यूरो कृष्ण कुमार भट्ट स्लग कंबल वाले बाबा पर प्रशासनिक जांच...

छिंदवाड़ा ब्यूरो कृष्ण कुमार भट्ट स्लग कंबल वाले बाबा पर प्रशासनिक जांच का शिकंजा बिग एक्सक्लूसिव दबंग ब्रेकिंग न्यूज़ छिंदवाड़ा

*कलेक्टर हरेंद्र नारायण सिंह के आदेश पर कंबल वाले बाबा पर जांच का शिकंजा*

कंबल वाले बाबा की जांच करने पहुंची टीम

सीएमएचओ एवं टीम के साथ पुलिस बल रहा मौजूद

अंधविश्वास फैलाने और खाद्य चूर्ण की बिक्री की जांच

बिना परमिशन के संचालित हो रहा है लकवा पोलियो और कमजोरी का इलाज

कंबल वाले बाबा उर्फ गणेश यादव ने दिखाया अपना दम

सत्ता संगठन के आकाओं के फोन आने पर सीएमएचओ ने दिखाई नरमी

बिना परमिशन के स्वास्थ्य कैंप के संचालन पर सवाल?

चंदनगाव स्थित सूर्या लॉन में आयोजनकर्ता पर शिकंजा?

क्या लॉन संचालक पर भी होगी कार्यवाही

क्या कलेक्टर के आदेश और सीएमएचओ की जांच के बाद कंबल वाले बाबा पर कसेगा शिकंजा?

अश्वगंधा चूर्ण और पेन गार्ड ऑइल की कंपनी का मालिक है कंबल वाले बाबा उर्फ गणेश यादव

क्या कोल्ड्रिफ कफ सिरफ जैसी घटनाओं के इंतजार में है शासन,प्रशासन और सरकार?

क्या मेडिकल साइंस को दरकिनार कर रहे हैं सीएमएचओ के साथ संपूर्ण स्वास्थ्य अमला?

क्या कलेक्टर का आदेश और सीएमएचओ की कार्यवाही सिर्फ दिखावा मात्र है?

क्या आस्था में अंधविश्वास का तड़का लगाकर खेलते रहेंगे कंबल बाबा अपना खेल

अपने जादुई चमत्कार और खुद की कंपनी के बने हुए तेल और अश्वगंधा चूर्ण से लकवा पोलियो कमजोरी का पूर्ण इलाज करने का दवा भरने वाले कंबल बाबा पर प्रशासनिक शिकंजा कसता हुआ नजर आ रहा है बिना परमिशन और बिना सूचना के जादुई स्वास्थ्य कैंप लगाने वाले कंबल बाबा के स्थल पर उस समय हड़कंप मच गया जब कलेक्टर के आदेश पर सीएमएचओ नरेश गुन्हारे अपनी टीम और पुलिस बल के साथ दबिश देने पहुंचे और 1 घंटे तक बंद कमरे में जांच पड़ताल का दौर चलते रहा जी हां कंबल तेल और खाद्य चूर्ण बेचकर अपने जादुई चमत्कार से ठीक करने के दावा करने वाले कंबल बाबा उस समय सकते में आ गए जब अचानक से सीएमएचओ की टीम और पुलिस बल उनके चंदन गांव स्थित सूर्य लान में आयोजित कैंप पर जांच करने पहुंचे हालांकि कंबल वाले बाबा ने अपना मजबूती से पक्ष रखते हुए बताया कि मैं 50 वर्षों से लकवा पोलियो और कमजोरी का इलाज कर रहा हूं हालांकि मेरी चिकित्सीय कोई भी डिग्री नहीं है जब उनसे पूछा गया क्या इस संबंध में अपने प्रशासनिक परमिशन ली है तो उन्होंने बताया कि एसडीएम साहब से परमिशन ली गई है जब परमिशन की कॉपी मांगी गई तो वह लाउड स्पीकर की परमिशन निकली ना की जादुई स्वास्थ्य कैंप की ।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी छिंदवाड़ा ने सख्ती वाले लहजे में कंबल वाले बाबा से सवाल जवाब किया और जांच प्रतिवेदन बनवाया तब तक कंबल वाले बाबा ठीक से जवाब नहीं दे पा रहे थे दे किंतु जैसे ही सत्ता संगठन के आकाओं के फोन सीएमएचओ के पास आए और आयोजन करता ने बात करवाया तो मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी के सख्त लहजे में अचानक नरमी दिखने लगी, जो कंबल वाले बाबा को समझाइसे के रूप में नजर आई औरपं चनामा बनाकर खाद्य चूर्ण और मालिश का तेल जप्त कर चलते बने जबकि आयोजन करता और कंबल वाले बाबा कार्यक्रम की परमिशन दिखने में नाकामयाब रहे अब देखना होगा प्रशासन की नाक के नीचे जिला मुख्यालय से महज 2 किलोमीटर दूर आस्था में अंधविश्वास का तड़का लगाकर जादुई उपचार करने वाले कंबल बाबा पर कार्रवाई होगी या फिर यह जांच मात्र दिखावा मात्र बनकर रह जाएगी प्रतीक्षा की जानी चाहिए